5th October 2022,
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, सोनीपत

 || नीयते विवक्षितार्थः अनेन इति न्यायः ||

DBRANLU Kulgeet

Kulgeet

शुभ न्याय मिले, अन्याय टले,
हो सत्यमेव जयते ।
जयतिजय सत्यमेव जयते ।।ध्रु।।

कर्तव्य भाव की हो दीक्षा,
मौलिक अधिकारों की रक्षा ।
मानवता-धर्म निभाने की,
जन-जन को सुलभ रहे शिक्षा ।।
इसको पाने के लिए सदा
हम धर्म-मार्ग चलते ।
जयतिजय सत्यमेव जयते ।।1।।

तन स्वस्थ रहे, मन उपकारी,
बौद्धिक संपद भी, होगी न्यारी ।
संकल्प यही हम अपनाते,
हर निर्णय हो जन-हितकारी ।।
सेवा का भाव लिए मन में
सत्कर्म सदा करते ।
जयतिजय सत्यमेव जयते ।।2।।

अनुशासित संस्कारित शुचिता,
है छात्रों की प्रतिभा दाता ।
राई विधि विश्वविद्यालय से
(DBRAN Law University से)
गर्वित होगी भारत माता ।।
अर्जित सारे गुण अर्पित कर,
वन्दन माँ का करते ।
जयतिजय सत्यमेव जयते ।।3।।

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